लाल किताब के अनुसार शनि का फलादेश और उपाय
शनि 3, 7, 11 मिथुन, तुला, कुंभ राशि में शुभ और 1, 5, 9 मेष, सिंह, धनु राशि में अशुभ होता है। शनि 2, 6, 10 वृष, कन्या, मकर राशि में अच्छे फल करता है। शनि संबन्धित वस्तुएं भैंस, मछली, मगरमच्छ, सांप।
शनि खाना नं 1
यदि शनि खाना नं 1 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति राजा की तरह दौलतमंद होता है। राजदरबार से लाभ होता है। पिता का सुख होता है। अच्छी कालोनी में निवास होता है। बड़े भाई-बहन का सुख होता है। मेहनतकश इंसान होगा। जितनी मेहनत करेगा उतना बढ़ता जाएगा।
यदि अगर शनि मिथुन राशि में होगा तो ऊँच भाग्य की निशानी होगी
यदि शनि तुला राशि में होगा जमीन, जायदाद, वाहन का सम्पूर्ण सुख होगा। माता का सुख होगा । औलाद का सुख होगा।
यदि कुंभ राशि में शनि हो तो अपनी सेहत अच्छी होगी।
यदि शनि खाना नं 1 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति की शिक्षा अधूरी रह जाती है। रोगी होता है। जिस्म पर ज्यादा बाल होंगे। नीलामी तक हो जाती है। शराबखोर होगा। राजदरबार से हानि होगी। फरेबी, धोखेबाज होगा।
यदि शनि मेष राशि में हो तो बड़े भाई-बहन का सुख नहीं होता। आय भी कम होती है।
यदि सिंह राशि में होगा तो शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी। और रोगी होगा।
यदि धनु राशि में हो तो धन हानि होती रहेगी।
उपाय:- 1. बीमारी के समय बड़ के पेड़ की जड़ में दूध डालकर उसकी गीली मिट्टी का तिलक लगाएं। 2. धन हानि के लिए बंदर की सेवा करें। 3. व्यापार के लिए काला सूरमा पत्थर वाला जमीन में दबाएं।
शनि खाना नं 2
शनि खाना नं 2 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति धार्मिक होगा। पैतृक संपत्ति का लाभ होता है।
यदि शनि मिथुन राशि में हो तो राजयोग होता है। राजनीति में जाता है। पिता का सुख होता है।
यदि शनि तुला राशि का हो तो अच्छी शिक्षा प्राप्त करता है। संतान का सुख होता है।
यदि शनि कुंभ राशि में हो तो अपना स्वास्थ्य अच्छा होता है। धन की बचत करने वाला होता है।
यदि शनि खाना नं 2 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को पैतृक संपत्ति का सुख नहीं होता। ससुराल के लिए मंदा होगा शरीर पर हर रोएं में से तीन-तीन बाल निकलते होंगे। शराब का आदी होगा। नास्तिक होगा। जिस कदर शनि की अशियाँ कायम करता जाएगा। ससुराल में शनि की आशियाँ बरबाद होती जाएंगी।
यदि मेष राशि में शनि होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख नहीं होगा। मेहनत करने पर भी आय कम होगी।
यदि शनि सिंह राशि में होगा तो अपनी शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी। तलाक भी हो सकता है।
यदि शनि धनु राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख कम होगा। माता का सुख कम होगा। जमीन, जायदाद, वाहन के खोने का भय होगा।
उपाय:- 1. माथे पर तेल न लगाएं। 2. माथे पर दही का तिलक लगाएं। 3. नंगे पैर 43 दिन मंदिर जाएं। 4. सांप को दूध पिलाएं।
शनि खाना नं 3
यदि शनि खाना नं 3 में शुभ होगा तो ऐसा व्यक्ति विद्वान तेज होता है। भाई-बन्धु मददगार होते हैं। लम्बी आयु वाला, नजर वाला होता है। दौलत बढ़ती रहती है।
यदि शनि मिथुन राशि में हो बड़े भाई-बहन का सुख, राजदरबार से लाभ होता है। पिता का सुख होता है।
यदि शनि तुला राशि में हो तो पत्नी सुदंर और सुशील होती है। यदि शुक्र का साथ हो तो शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होती है।
यदि शनि कुंभ राशि में हो छोटे भाई-बहन का सुख होता है। धनवान, कुशल व्यापारी होता है। बड़े मामा व मौसी का सुख होता है।
यदि शनि खाना नं 3 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति भाई-बन्धु से लड़ने वाला होता है। ताए, चाचे के लिए भी मन्दा होता है। शराबी, कबाबी होगा।
शनि मेष राशि में हो अपना स्वास्थ्य अच्छा नहीं होता।
यदि शनि सिंह राशि में हो छोटे भाई-बहन का सुख नहीं होता।
धनु राशि में हो जमीन, जायदाद, वाहन का सुख कम होता है। माता का भी सुख कम होता है। माता-पिता का आपस में क्लेश होता रहता है। घर के सामने कोई पत्थर गड़ा हुआ या खम्भा होता है।
उपाय:- 1. आँखों की दवाई धर्माथ अस्पताल में दें। और अपना इलाज कभी उस अस्पताल में न कराएं। 2. मकान के अंतिम में अँधेरी कोठरी बनाएं। 3. कुत्ते की सेवा करें। 4. छत पर ईंधन या खाली चौखट न रखें। 5. घर की दहलीज को कीलों से कील दें।
शनि खाना नं 4
यदि शनि खाना नं 4 में शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को जमीन जायदाद का सुखा मिलता है। विदेश यात्रा करता है। परिवार मे कोई न कोई डाक्टर बनता है।
यदि शनि मिथुन राशि में हो बड़े भाई-बहन का सुख होता है। आय बढ़ती रहती है। जमीन, जायदाद का व्यापार करता है।
तुला राशि में शनि हो तो पत्नी सुशील और सुंदर मिलती है। यदि शुक्र का साथ हो तो शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होती है।
यदि शनि कुंभ राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख होता है। जमीन, जायदाद का सुख होता है। माता का सुख होता है। पराक्रमी होता है।
यदि शनि खाना नं 4 में अशुभ होगा तो ऐसा व्यक्ति विधवा स्त्री से इश्कबाजी करता है। शराब पीने वाला होता है। माता के लिए अशुभ होता है। मुफ्त का माल लेने वाला होता है। इसके घर में काले कीड़े निकलते हैं।
यदि मेष राशि में शनि हो तो मान हानि होती है। अपना स्वास्थ्य खराब रहता है।
यदि शनि सिंह राशि में हो तो मन्दे भाग्य की निशानी होती है।
धनु राशि में शनि हो तो शिक्षा में रूकावट आती है। संतान सुख कम होता है। दिमागी बीमारी होती है।
उपाय:- 1. कौओं या भैंस को खीर खिलाएं। 2. कुएं में दूध और चावल गिराएं। 3. तेल और उड़द चिमटा, साबुन (कपड़े धोने वाला) काले कपड़े में बाँधकर दान करें। कपड़ा कम से कम ढ़ाई मीटर का होना चाहिए। 4. चार पाव शराब बहते पानी में बहाएं।
शनि खाना नं 5
यदि शनि खाना नं 5 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति खुददार होगा। संतान सुख होगा। न्यायप्रिय होगा। प्रेम-विवाह करने वाला होता है।
यदि शनि मिथुन राशि में होगा तो स्वास्थ्य अच्छा, संतान सुख होगा।
यदि तुला राशि में शनि होगा तो अच्छी किस्मत वाला होगा।
यदि शनि कुंभ राशि में हो तो जमीन जायदाद वाहन का सुख, अच्छी शिक्षा, संतान सुख होता है।
यदि शनि वृष राशि का हो तो धनवान होता है।
यदि शनि कन्या राशि का हो तो राजदरबार से लाभ, पिता का सुख होता है।
यदि शनि खाना नं 5 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति की संतान का सुख कम होता है। गर्भपात भी हो जाता है। जुआ खेल कर धन नष्ट करता है। राजदरबार से हानि होती है।
यदि मेष राशि का शनि हो तो छोटे भाई-बहन का सुख कम होता है। डरपोक होता है।
यदि शनि सिंह राशि का हो तो गर्भपात करवाता है। पिता का सुख कम होता है। राजदरबार से हानि होती है। व्यापार में भी परेशानी होती है।
यदि शनि धनु राशि का हो तो आय में कमी आती है। शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती। संतान बहुत खर्चीली होती है।
उपाय:- 1. अपने वजन के 10वां हिस्से के बराबर बादाम जल प्रवाह करें। 2. 41 वर्ष से पहले अपनी कमाई से मकान न बनाएं। 3. संतान के जन्म पर मीठा न बाँटें। (न ही जन्मदिन पर) 4. काला सूरमा चलते पानी में बहाएं। 5. अपने घर में तांबे, चावल या चाँदी, सोना या केसर एक ही जगह कायम करें। 6. यदि राहु खाना नं 10 में हो तो सौंफ चीनी को अपने घर में जलायें। 7. कुत्ता पालना अच्छा फल देगा।
शनि खाना नं 6
यदि शनि खाना नं 6 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति अकलमन्द होगा। हुनरमंद होता है। जिस्म के एक रूहे में से दो बाल पैदा होते हैं। संतान का सुख होता है। कानून का जानकार होता है। वकील या जज होता है। ज्योतिष के काम में रूचि रखता है। कबाड़ी का काम शुभ होता है। विवाह 29 वर्ष में शुभ होता है।
यदि शनि मेष राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख होता है। एक प्रसिद्ध खिलाड़ी होता है। काली रात में शुरू किया हुआ काम में सफल होता है।
यदि शनि खाना नं 6 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति शराबी होता है। रोगी होता है। शत्रु से डरने वाला होता है। मुकदमों में हार होती है।
कर्क, वृश्चिक, मीन राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख नहीं होता। बन्द गली में रहता है। धन-हानि होती है। मानहानि होती है।
उपाय:- 1. चमड़ा, लोहे का नया समान न खरीदें। 2. सरसों चलते पानी में बाहएं। 3. सरसों के तेल से भरा हुआ मिट्टी का बर्तन लोटे जैसा खड़े गन्दे पानी दबाएं। 4. जूते गुम या चोरी होने से बचाएं। 5. साँप को दूध पिलाएं। 6. कोई नया काम अमावस्या की रात को शुरू करें। 7. बन्द गली के मकान में आवास न करें।
शनि खाना नं 7
यदि शनि खाना नं 7 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति चालाक, चतुर, हठी होता है। अत्यधिक धनी होता है। राजदरबार से लाभ होता है। आँखों से बाते करने वाला होता है। होशियारी से धन कमाने वाला होता है। पैतृक सम्पत्ति मिले न मिले तब भी करोड़पति होता है।
यदि वृष राशि में हो तो जमीन-जायदाद वाहन माता का सुख होता है। छोटे भाई-बहन का सुख होता है।

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यदि शनि कन्या राशि में हो तो बड़े भाई-बहन का सुख होता है। अच्छी आय होती है।
यदि शनि मिथुन राशि का हो तो धन की बचत करने वाला होता है। छोटे भाई-बहन का सुख होता है। पराक्रमी होता है।
यदि शीन तुला राशि का हो तो अच्छी आय होती है। राजदरबार से लाभ होता है। पिता का सुख होता है। बड़े भाई-बहन का सुख होता है। न्याय प्रिय होता है।
यदि शनि खाना नं 7 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति धोखेबाज होता है। चालबाज होता है। शराब का आदी होता है।
यदि शनि मेष राशि में हो तो संतान का सुख कम होता है। शिक्षा में रूकावट आती है। दुर्घटना का भय होता है।
यदि शनि सिंह राशि में हो तो दूसरी बिरादरी या जाति में शादी करता है।
यदि शनि कर्क, वृश्चिक या मीन राशि में हो तो जमीन जायदाद वाहन का नुकसान होता है। दुर्घटना का भय होता है। माता का सुख कम होता है।
उपाय:- 1. काली बांसुरी चीनी भरकर सुनसान जगह पर दबाएं। 2. शहद मिट्टी के बर्तन में भरकर घर में रखें। 3. सफेद सुरमें का प्रयोग करें।
शनि खाना नं 8
शनि खाना नं 8 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति अविष्कारक होता है। ज्योतिष विद्या में रूचि रखता है। यदि शनि धनु राशि में हो तो राजदरबार से लाभ प्राप्त करता है। पिता का सुख होता है।
यदि शनि मेष राशि में हो तो संतान सुख होता है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करता है।
यदि शनि कर्क, सिंह, राशि में हो तो धनी होगा।
यदि शनि खाना नं 8 में अशुभ होगा तो ऐसा व्यक्ति दास होता है। जितने भी काम करके थक ले पर रात को नींद हाराम होगी। नजर कमजोर, लम्बी बीमारी के बाद मौत होती है। बन्द गली के मकान में रहने वाला होता है। घर में काले कीड़े निकलते हैं। आठवें घर में शनि शक्की हाल का होता है। कभी अशुभ करेगा। कभी शुभ करेगा।
उपाय:- 1. चाँदी का चौरस टुकड़ा गले में डालें। 2. नहाते वक्त पत्थर या पटरे पर बैठ कर स्नान करें और दूध डालकर स्नान करें यानि नहाते वक्त पैर जमीन पर नहीं लगने चाहिए। 3. उड़द चलते पानी में डालें। 4. शराब न पिएं। मांसाहारी न बने।
शनि खाना नं 9
यदि शनि खाना नं 9 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति परोपकारी होता है। शरीर पर बाल कम होते हैं। खासकर पैरों और माथे पर बाल नहीं होते। मरने से पहले तीन मकान होंगें। दूसरों का हमदर्द होता है। दादे पोते का सुख होता है। धार्मिक होता है। राजदरबार से लाभ होता है। दूरदर्शी होता है।
यदि शनि वृष राशि में हो अच्छी शिक्षा प्राप्त होती है। संतान सुख होता है। मरते समय कर्जा नहीं होता। शत्रु दबकर रहते हैं।
यदि शनि मिथुन राशि में हो तो भी संतान सुख होता है। शिक्षा अच्छी होती है। माता का सुख होता है। जमीन-जायदाद वाहन का सुख होता है।
यदि शनि कन्या राशि में हो तो स्वास्थ्य अच्छा होता है। बड़े मामा मौसी का सुख होता है। धन की बचत होती है। अच्छा व्यापारी होता है। यदि तुला राशि में शनि हो तो भी स्वास्थ्य अच्छा होता है। शिक्षा संतान का सुख होता है।
यदि मकर राशि में हो पिता का सुख होता है । राजदरबार से लाभ होता है। राजयोग होता है। पांच पीढ़ी का सुख होता है।
यदि शनि खाना नं 9 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति नास्तिक होता है। किसी पर दया नहीं करता है। जुआं खेलने वाला होता है। माथे और पैर पर बाल होंगे। शराबी मांसाहारी होता है। ऐसे व्यक्ति की मानहानि होती रहती है। घर की छत पर चौखट बिना दरवाजे की और ईंधन वाली लकड़ी अशुभ भाग्य की निशानी होगी। दूसरों के माल पर नजर रखता है।
यदि शनि मेष राशि में हो तो शादी-शुदा जिदंगी अच्छी नहीं होती। और उधार चढ़ा रहता है।
यदि शनि सिंह राशि में हो तो जमीन-जायदाद का सुख कम होता है। धन-हानि होती रहती है। नजर कमजोर होती है।
यदि शनि धनु राशि में हो तो पिता का सुख कम होता है। राजदरबार से हानि होती है। माता-पिता में आपस में क्लेश रहता है।
उपाय:- 1. घर की छत पर कोई सामान न रखें। (खास तौर पर लकड़ी) 2. घर का फर्श सफेद या कलेजी रंग का अच्छा फल देगा। 3. चांदी की ईंट अपने पास रखें। (40 ग्राम या 60 ग्राम की)
शनि खाना नं 10
यदि शनि खाना नं 10 शुभ होगा तो ऐसा व्यक्ति इज्जत मान-सम्मान वाला होता है। राजदरबार से लाभ होता है। राजनीति का जानकार होता है या राजनीति में जाता है।
यदि शनि वृष राशि में हो तो शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी होती है। यदि शुक्र का साथ हो तो।
यदि शनि मिथुन राशि में हो तो संतान सुख होता है। शिक्षा अच्छी होती है। नीतिशास्त्र का ज्ञाता होता है।
यदि शनि कर्क राशि का हो तो इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियर होता है।
यदि शनि कन्या राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख होता है। पराक्रमी होता है। धनवान होता है।
यदि तुला राशि में शनि हो तो धनवान होता है। सेहत अच्छी होती है।
यदि शनि कुंभ राशि में हो तो राजयोग होता है। पिता का सुख होता है।
यदि शनि खाना नं 10 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति के दाढी मूँछ के बाल कम होंगे या क्लीन शेव होगा। मूंछ भी काटता होगा। शराबी मांसाहारी होगा। ऐसे व्यक्ति की कोई इज्जत सम्मान नहीं करता। राजदरबार से हानि होती है। पिता का सुख कम होता है।
यदि शनि मेष राशि में हो तो शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती।
यदि शनि सिंह राशि मे हो तो छोटे भाई-बहन का सुख कम होता है। डरपोक होता है। दुर्घटना का भय होता है।
यदि शनि धनु राशि में हो तो बड़े भाई-बहन का सुख कम होता है। आय कम होती है। टांगो में दर्द होता है।
उपाय:- 1. दाढ़ी मूंछ के बाल न काटें। 2. उड़द चलते पानी में डालें।
शनि खाना नं 11
यदि शनि खाना नं 11 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति न्यायप्रिय होता है। धार्मिक होता है।
यदि शनि वृष राशि में हो तो शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी होती है। शुक्र का साथ होना आवश्यक है, क्योंकि शनि शुक्र का प्रेमी है। लम्बी आयु होती है।
यदि शनि मिथुन राशि का हो तो भी शादी-शुदा अच्छी होती है। (शुक्र का साथ होना आवश्यक है)
यदि शनि कन्या राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख होता है। पराक्रमी होता है। माता का सुख होता है। जमीन-जायदाद वाहन का सुख होता है।
यदि तुला राशि में शनि हो तो धनवान होता है। बड़े मामा-मौसी का सुख होता है। छोटे भाई-बहन का सुख होता है। पराक्रमी होता है।
यदि शनि मकर राशि में हो आयात-निर्यात का काम करता है। बड़े भाई-बहन का सुख होता है।
यदि कुंभ राशि में हो तो राजदरबार से लाभ होता है। पिता का सुख होता है। व्यापार में लाभ होता है। राजनीति में जाता है। राज अधिकारी होता है।
यदि शनि खाना नं 1 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति चालबाज, धोखेबाज होता है। सबसे विरोध पाने वाला होता है।
यदि शनि मेष राशि में हो मन्दे भाग्य की निशानी होती है। बड़े भाई-बहन का सुख कम होता है।
यदि शनि सिंह राशि में हो तो जमीन-जायदाद वाहन का सुख कम होगा। दुर्घटना का भय होता है। माता का सुख कम होता है। माता-पिता में आपस में क्लेश रहता है।
उपाय:- 1. सरसों का तेल, शराब या स्प्रिट सुबह सूर्य निकलते समय कच्ची जमीन पर कुछ बूंदे गिराना शुभ होगा। 2. दक्षिण दिशा वाले मकान में न रहें। 3. चांदी की ईट रखें। (कम से कम 40 ग्राम की)
शनि खाना नं 12
यदि शनि खाना नं 12 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति परोपकारी राजा हरीशचन्द्र की तरह सच बोलने वाला होता है। माया की परवाह न करने वाला होता है। अब राहू भी अच्छा होगा।
यदि कुंभ राशि में हो तो आयात-निर्यात का काम करने वाला होता है। रबर, प्लास्टिक, चमड़ा का कारोबार करता है।
यदि कन्या राशि में हो तो विदेश में शिक्षा प्राप्त करता है।
यदि शनि खाना नं 12 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति झूठ बोलने वाला होता है। नजर का रोगी होता है। क्रोधी होता है। दूसरों के धन पर नजर रखता है।
यदि वृश्चिक राशि में शनि हो तो आंख के रोग होते हैं।
यदि धनु राशि में हो तो स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता।
यदि मीन या मेष राशि में हो तो राजदरबार से हानि होती है।
उपाय:- 1. 12 बादाम काले कपड़े में बांध कर एक टीन के डब्बे में डाल कर दक्षिण पूर्व के कोने में अन्धेरे में रखें उसे कभी नहीं खाएं। 2. मकान की दक्षिण दिशा में दरवाजा या खिड़की मत रखें 3. किसी का जूठन न खाएं। 4. झूठ न बोलें। 5. मछलियों को आटे की गोली में बादाम रखकर खिलाएं। 6. शराब मांस का प्रयोग मत करें।
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